Three types of pollution in hindi. पर्यावरण प्रदूषण के प्रकार, कारण व प्रभाव 2019-01-06

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Pollution : Causes, Types, Effects and Solution in Hindi

three types of pollution in hindi

The question at hand, of eliminating all pollution can be worse than 'bad', warrants validity as it would severely decrease the standard of living and many other technological advances that make our life pleasurable along with the goods and services provided by the polluters. Communication, English language, Language 886 Words 3 Pages are forever transforming. Man-machine-made sounds, cars, trains, airplanes, fireworks, explosives etc. आज के समय में प्रदूषण भारत में एक ऐसी समस्या बन चुका है, जिसका हर कोई सामना कर रहा है। वह बच्चे जो 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10,11 और 12वीं कक्षा में पढ़ते है उन्हें अक्सर प्रदूषण के विषय में निबंध लिखने का कार्य दिया जाता है। इसलिए अभिभावकों के लिए यह काफी आवश्यक है की वह प्रदूषण के प्रकारों के विषय में, इसके कारणों के विषय में तथा इससे बचाव के तरीकों के विषय में जाने जिससे वह अपने बच्चों को भी इस विषय में समझा सके और इससे बचने के तरीके बता सके। ऐसे ही कुछ निबंधो के नीचे दिया है जो इस विषय में आपके तथा आपके बच्चों के लिए काफी सहायक होंगे। इन दिये गये निबंधो में से आप अपनी आवश्यकता अनुसार किसी भी निबंध का चयन कर सकते है। प्रदूषण पर निबंध 1 100 शब्द प्रदूषण का अर्थ हमारे आस-पास के प्राकृतिक पर्यावरण के प्रदूषित होने से है। हमारे आस-पास के प्राकृतिक संसाधन हमारे जीवन को आसान बनाते है, परन्तु यह प्रदूषण इसे नुकसान पहुंचाने का कार्य करता है और कई तरह की शारीरिक बीमारियां तथा परेशानियां उत्पन्न करता है। इसके साथ ही यह प्राकृतिक व्यवस्था और संतुलन को भी बिगाड़ देता है। प्रदूषक, प्रदूषण के वह तत्व है जो मानवीय गतिविधियों द्वार पैदा होते है और प्राकृतिक संसाधनो जैसे कि वायु, जल और भूमि को दूषित कर देते है। इनके रासायनिक प्रकृति, लंबे समय तक बने रहने की क्षमता तथा प्रदूषक प्रवृत्ति के कारण यह प्रदूषक हमारे पर्यावरण पर वर्षो तक नकरात्मक प्रभाव उत्पन्न करते है। यह प्रदूषक जहरीले गैसों, उर्वरकों, फंगसों, शोर-शराबे के साथ ही रासायनिक तथा रेडिएक्टिव कचरे से भी उत्पन्न होते है। प्रदूषण पर निबंध 2 100 शब्द जैसा कि हम सब जानते है कि हमारे स्वस्थ रहने में हमारे वातावरण का एक बहुत अहम योगदान है और एक अच्छा वातावरण हमारी सावधानियों और अच्छी आदतों से ही तैयार हो सकता है। मनुष्य, जीव-जन्तु, तमाम पेड़-पौधे तथा पृथ्वी सभी किसी ना किसी तरह से पर्यावरण से जुड़े हुए है। जोकि हमारे स्वस्थ्य जीवन के लिए बहुत आवश्यक है। हालांकि अगर पर्यावरण में किसी प्रकार का भी नकरात्मक बदलाव आता है, तो यह हमारे सामान्य तथा स्वास्थ्य जीवन पर भी कई तरह के प्रतिकूल प्रभाव उत्पन्न करता है। हमारा पर्यावरण हमारे लिए हमारा प्राकृतिक आवास है और हमें तमाम तरह की प्राकृतिक आपदाओं से बचाता है। लेकिन अगर हम प्रकृति का संतुलन बिगाड़ देगें तो हमें इसके बदले में कई तरह के समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। प्रदूषण पर निबंध 3 150 शब्द प्रस्तावना प्रदूषण का अर्थ कई तरह के हानिकारक और जहरीले तत्वों का प्राकृतिक संसाधनो में मिलने से है। यह इस ग्रह पर रहने वाले जीवों के सामान्य जीवन को प्रभावित करता है और प्राकृतिक जीवन चक्र को बिगाड़ देता है। प्रदूषण के प्रकार प्रदूषण को कई प्रकारों में बांटा जा सकता है जैसे कि ध्वनि प्रदूषण, वायु प्रदूषण, भूमि प्रदूषण और जल प्रदूषण आदि। वाहनों की बढ़ती संख्या, जहरीलें गैसों के उत्सर्जन, कारखानों से निकलने वाले धुएं और तरल एयरोसोल आदि के कारण हमारे ग्रह पर वायु प्रदूषण दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। इसी वायु प्रदूषण की कारण जिस हवां में हम सांस लेते है, उसके द्वारा हमें कई तरह की फेफड़ो की बीमारियां हो जाती है। इसी तरह के भूमि और जल प्रदूषण पानी तथा भूमि में कई तरह के कीटाणु, जीवाणु और हानिकारक रसायन आदि मिलने के कारण उत्पन्न होता है। पीने के पानी में भी कई तरह के कीटनाशक, फंसग, जीवाश्म तत्व और थोरियम आदि मिलने के कारण जल प्रदूषण जैसी समस्या उत्पन्न होती है। निष्कर्ष प्रदूषण की समस्या को रोकने के लिए सरकार को कई तरह के उपायों को अपनाने की आवश्यकता है। इसके लिए वाहनों के उपयोग को कम करने के साथ पानी की बचत करनी होगी तथा जैविक खेती को बढ़ावा देना होगा। प्रदूषण पर निबंध 4 150 शब्द प्रस्तावना पर्यावरण प्रदूषण वह स्थिति है, जिसके अंतर्गत प्राकृतिक चक्र और हमारा पर्यावरण बिगड़ जाता है, जो हमारे लिए काफी हानिकारक है। इसमें कुछ हानिकारक तत्व जो धुएं, ठोस या तरल अपशिष्ट के रुप में इकठ्ठा हो जाता है, वह हमारे पर्यावरण के लिए काफी हानिकारक होते है। इसके अलावा ऐसे कुछ बुरे रासायनिक तत्व जो हमारे पर्यावरण को क्षति पहुंचाते है और हमारे प्राकृतिक कार्यों में भी बाधा उत्पन्न करते है, जोकि प्रत्यक्ष रुप से हमारे स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। पर्यावरण प्रदूषण को कैसे रोके वह केवल मनुष्य ही है जो अपनी बुरी गतिविधियों को रोककर पर्यावरण प्रदूषण की समस्या पर लगाम लगा सकता है। इसके साथ ही और भी ज्यादे मात्रा में पेड़ो को लगाकर भी पर्यावरण प्रदूषण पर लगाम लगाया जा सकता है। इसी तरह वाहनों का उपयोग कम करके, वस्तुओं की पुनरुपयोग और पुनरावृत्ति करना भी प्रदूषण को रोकने में काफी सहायक हो सकता है। निष्कर्ष हम और हमारा पर्यावरण एक दूसरे के बिना अधूरे है। अनजाने में अपने कार्यों द्वारा हम पर्यावरण के लिए कई तरह की समस्याएं खड़ी कर रहे है और इसलिए यह हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम अपनी भूमिकाओं को निभाने के लिए प्राकृतिक तरीकों को अपनाए। प्रदूषण पर निबंध 5 200 शब्द प्रस्तावना आज के समय में प्रदूषण एक बहुत बड़ी पर्यावरणीय समस्या बन गया है, इसके कारण मनुष्यों तथा पशुओं में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो रही है। औद्योगिकरण के कारण पिछले कुछ वर्षों में प्रदूषण का स्तर काफी तेजी से बढ़ा है और इसके कारण प्रदूषण भी काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है क्योंकि औद्योगिक गतिविधियों के कारण इससे उत्पन्न होने वाला कचरा प्रत्यक्ष रुप से भूमि, वायु और पानी में मिलता जा रहा है। फिर भी लोग प्रदूषण की इस समस्या और इसके प्रभावों के प्रति जागरुक नही हो रहे है। यह वह समय है जब हमें इस मुद्दे को लेकर संजीदा होने की आवश्यकता है, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ीयों को इस तरह की समस्याओं का सामना ना करना पड़े। प्रदूषण के प्रकार प्रदूषण को उनके द्वारा प्रदूषित किये जाने वाले प्राकृतिक संसाधनों के आधार पर बांटा गया है जैसे कि वायु प्रदूषण, भूमि प्रदूषण, जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण आदि। इसके अलावा भी कई अन्य तरह के भी प्रदूषण है, जो हमारे ग्रह और इसके जैव विविधता के लिए हानिकारक है। प्रदूषण के कारण लगातार कटते जा रहे पेड़, वाहनों के बढ़ते प्रयोग, तेजी से हो रहा शहरीकरण और औद्योगिकरण तथा दूसरे बड़े स्तर पर हो रहे कार्यों के कारण हमारे पर्यावरण पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। इन जहरीले और नुकसानदायक कचरों के कारण भूमि, वायु और जल में अपरीवर्तनीय परिवर्तन होते है, जिसके कारण हमारे समान्य जीवन में कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो जाती है। मनुष्य अपने स्वार्थ और इच्छाओं को पूरा करने के लिए पर्यावरण पर प्रदूषण का भार दिन-प्रतिदिन बढ़ाता ही जा रहा है। निष्कर्ष प्रदूषण के इस समस्या को रोकने के लिए हमें सार्वजनिक जागरुकता के कार्यक्रमों का आयोजन करना चाहिए ताकि प्रदूषण की इस समस्या को जड़ से समाप्त किया जा सके। इसके साथ ही हर व्यक्ति की यह जिम्मेदारी बनती है कि प्रदूषण को रोकने के लिए वह अपने स्तर पर अपना महत्वपूर्ण योगदान दे, तभी हम अपनी आने वाली पीढ़ीयों को प्रदूषण मुक्त माहौल दे पायेंगे। प्रदूषण पर निबंध 6 200 शब्द प्रस्तावना पर्यावरणीय प्रदूषण आज के समय में एक बड़ी समस्या बन गया है और पृथ्वी पर बसने वाला ऐसा कोई भी प्राणी नही है, जो इससे प्रभावित ना होता हो। प्राकृतिक पर्यावरण के दूषित होने के कारण यह मनुष्यों तथा जीव-जन्तुओं में कई तरह के बीमारियों का कारण बनता जा रहा है। प्रदूषण के प्रभाव प्रदूषण हमें हर तरह से प्रभावित करता है फिर चाहे वह सामाजिक हो, शारीरिक हो या फिर मानसिक। प्रदूषण का बढ़ता हुआ यह प्रभाव सिर्फ मनुष्यों को ही नही बल्कि की पृथ्वी पर मौजूद हर जीव के लिए काफी घातक है। पृथ्वी पर बढ़ते प्रदूषण स्तर ने ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसे पर्यावरणीय समस्याओं को जन्म दिया है। प्रदूषण के कारण वाहनों से निकलने वाले धुएं, औद्योगिक कचरा और धुआं, अव्यवस्थित तरह से किया गया कचरा निस्तारण और ज्यादे मात्रा में प्लास्टिक और पॉलीथिन आदि के उपयोग के कारण प्रदूषण में वृद्धि होती जा रही है। इसके साथ ही अत्यधिक मात्रा में रासायनिक और कीटनाशकों के उपयोग के कारण भूमिगत जल भी प्रदूषित होता जा रहा है। प्रदूषण की रोकथाम अगर हम प्रदूषण जैसी समस्या से लड़ना चाहते है तो हमें वाहनों के उपयोग को कम करना होगा, उद्योग से निकलने वाले धुएं को नियंत्रित करना होगा, जल बचाना होगा, कोयले और पेट्रोलियम पदार्थों के उपयोग को भी कम करना होगा। इसके साथ ही भूमि को प्रदूषण से बचाने तथा उसकी उर्वरता को बनाये रखने के लिए रसायनों और किटनाशकों के उपयोग को भी कम करना होगा। निष्कर्ष पर्यावरण प्रदूषण मात्र एक देश की समस्या नही है बल्कि की यह पूरे विश्व की समस्या है, इसलिए इसे रोकने के लिए हम सब को एक साथ आना होगा और यदि इसे रोका नही गया तो आने वाले भविष्य में यह पूरे ग्रह के लिए खतरा बन जायेगा। इसके साथ ही यह पूरे पृथ्वी को भी काफी बुरे तरह से प्रभावित कर रहा है, जिससे यह मानव जीवन के लिए भी एक संकट बन गया है। प्रदूषण पर बड़ा निबंध 7 250 शब्द प्रस्तावना जब बाहरी तत्व और विषैले पदार्थ पर्यावरण में मिल जाते है, तो यह प्रदूषण जैसी समस्या उत्पन्न करते है। प्राकृतिक संसाधनों के प्रदूषण के कारण पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन भी बिगड़ गया है। प्रदूषण आज के समय में विश्व के हर देश के लिए एक चिंता का कारण बन गया है। कारण औद्योगिकरण, वनोन्मूलन, शहरीकरण आदि प्रदूषण के मुख्य कारण है। हमारी कई सारी दैनिक गतिविधियों से निकलने वाले कचरें के कारण भी इस समस्या में वृद्धि होती जा रही है। हमारे पर्यावरण को प्रदूषित करने वाले प्रदूषकों में अधिकतर गैसे एनओ, एसओ2, सीओ2, सीओ, एनओ2 हालोजन आयोडिन, क्लोरीन, ब्रोमाइन इकठ्ठा होने वाले तत्व धुल, धुंध कृषि रसायन कीटनाशक आदि होते है। शोर शराबा, फोटोकेमिकल आक्सीडेंट फोटोकेमिकल स्मोग, पेरोक्सोटिल नाइट्रेट, ओजोन, नाइट्रोजन, ऑक्साइड औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाला असेटिक एसिड, बेन्जीन, ईथर और रेडियोएक्टिव तत्व रेडियम, थोरियम आदि ऐसे कुछ ठोस कचरे हैं, जिनका हमें सावधानीपूर्वक निस्तारण करने की आवश्यकता है। प्रभाव वायु, जल और भूमि प्रदूषण वह सबसे खतरनाक तरीके के प्रदूषण है जो मनुष्य के स्वास्थ्य को प्रत्यक्ष रुप से प्रभावित करते है। आज के समय में ना तो हमारे पास पीने का शुद्ध पानी है नाही सांस लेने के लिए स्वच्छ वायु और नाही फसल उगाने के लिए प्रदूषण मुक्त भूमि, औद्योगिक क्रांति और ग्रीन हाउस इफेक्ट के कारण हमारे पारिस्थितिकी तंत्र पर इसके प्रतिकूल प्रभाव उत्पन्न हो गये है। मानव स्वार्थ और आजादी के दुरुपयोग के कारण हमने प्राकृतिक संसाधनो का काफी दोहन किया है। निष्कर्ष अपने इस ग्रह पर हमें भविष्य में स्वस्थ जीवन को बनाये रखने के लिए इन तेजी से फैल रहे प्रदूषणों को नियंत्रित करने की आवश्यकता है। अगर हम अपने आने वाली पीढ़ीयों के लिए एक अच्छा पर्यावरण चाहते है तो हमें इसके लिए कड़े कदम उठाते हुए प्रदूषण को रोकने की आवश्यकता है ताकि पृथ्वी को एक और अच्छी जगह बनायी जा सके। प्रदूषण पर बड़ा निबंध 8 250 शब्द प्रस्तावना पृथ्वी को एक आनोखा ग्रह माना जाता है क्योंकि यहीं एक ऐसा ग्रह है, जिसपर जीवन संभव है। इसके अलावा प्राकृतिक संसाधनो का हानिकारक तत्वों के द्वारा प्रदूषित हो जाने के कारण कई तरह की बीमारियां उत्पन्न होती है और यह हमारे पूरे प्राकृतिक वातावरण को प्रभावित करता है। सड़को पर दिन प्रतिदिन बढती वाहनों की संख्या और तेजी से हो रहे औद्योगिकीकरण से निकलने वाली विषैली गैसों के कारण वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है। वायु प्रदूषण कैसे हमें और हमारे पर्यावरण को प्रभावित करता है प्रदूषण हमें और हमारे पर्यावरण को निम्नलिखित तरीकों द्वारा प्रभावित करता है- अम्लीय वर्षा हानिकारक रसायनों, जहरीली गैसों और धुल के कण अम्लीय वर्षा के रुप में पुनः धरती पर आ जाते हैं और इसके वजह से जनजीवन और फसलों को काफी हानि पहुंचती है। अम्लीय वर्षा के प्रभाव किसानों और कुछ दूसरे प्रजातियों के लिए काफी हानिकारक है। कृषि दूषितकरण औद्योगिक तरल के समुद्रों, नदियों और तालाबों में निस्तारण के कारण जल प्रदूषण की समस्या में काफी वृद्धि हो गई है और क्योंकि यह पानी किसानों द्वारा खेती के लिए इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए इससे निकलने वाला पानी हमारे स्वास्थ्य पर कई तरह के नकरात्मक प्रभाव उत्पन्न करता है। ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन बढ़ते प्रदूषण के कारण ग्लोबल वार्मिंग के स्तर में भी काफी वृद्धि देखने को मिली है, जिसके कारण कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो गई है। इसके कारण जलवायु परिवर्तन जैसी समस्या भी उत्पन्न हो गई है, जिससे पृथ्वी पर से कई तरह की प्रजातियां भी विलुप्त हो गई है। निष्कर्ष प्रदूषण के कारण हमारे पृथ्वी का प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता काफी बुरे तरीके से प्रभावित हो रही है। यदि यह प्रदूषण इसी तरह से बढ़ता रहा तो आने वाले भविष्य में इसके हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरण काफी गंभीर नकरात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे। प्रदूषण पर बड़ा निबंध 9 300 शब्द प्रस्तावना प्रदूषण आज के समय में एक चुनौती बन चुका है क्योंकि इसके कारण लोग अपने जीवन में कई तरह के खतरों को सामना कर रहे है। औद्योगिक कार्यों और कई अन्य माध्यमों से निकलने वाले कचरे के कारण वायु, जल और भूमि जैसे हमारे प्राकृतिक संसाधन दिन-प्रतिदिन और भी ज्यादे प्रदूषित होते जा रहे है। यह जल, वायु और भूमि में मिलने के बाद मानव तथा अन्य जीव जन्तुओं के स्वास्थ्य को प्रत्यक्ष रुप से प्रभावित करते है। जिससे की हमारे स्वास्थ्य पर कई तरह के नकरात्मक प्रभाव उत्पन्न हो जाते है। शहरों में प्रदूषण वाहनों और यातायात साधनों के कारण शहरों में ग्रामीण क्षेत्रों के अपेक्षा प्रदूषण स्तर काफी ज्यादे है। उद्योगो और कारखानों से निकलने वाले धुएं के कारण शहरों में स्वच्छ वायु की गुणवत्ता काफी खराब हो चुकी है और यह वायु अब हमारें सांस लेने योग्य नही है। इसके अलावा जब सीवेज, घरेलु कचरा और उद्योगों तथा कारखानों से निकलने वाला कचरा जब नदियों, झरनों और समुद्र के पानी में मिल जाता है तो यह पानी को जहरीला और अम्लीय बना देता है। गावों में प्रदूषण हालांकि गावों में शहरों के अपेक्षा प्रदूषण का स्तर काफी कम है लेकिन तेजी से हो रहे औद्योगिकीकरण के कारण अब गावों का स्वच्छ वातावरण भी प्रदूषित होता जा रहा है। बढ़ते यातायात संसाधनो और कीटनाशकों के कारण गावों में वायु और भूमि की गुणवत्ता काफी प्रभावित हुई है। इसके कारण भूजल भी दूषित हो गया है, जोकि आज के समय में कई बीमारियों का कारण बन गया है। प्रदूषण की रोकथाम शहरों और गावों में बढ़ते प्रदूषण को मात्र लोगों में जागरुकता लाकर ही रोका जा सकता है। इसके लिए हमें कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की आवश्यकता है जैसे कि वाहनों के उपयोग को कम करना, अधिक पेड़ लगाना, रसायनों और कीटनाशकों का कम उपयोग करना आदि ऐसे उपाय है जिनके द्वारा प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सकता है। इसके अलावा प्रदूषण की इस समस्या को देखते हुए सरकार को भी प्लास्टिक और पॉलीथिन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता है। निष्कर्ष मानव निर्मित प्रोद्योगिकी में उन्नति के कारण ही प्रदूषण की यह समस्याएं उत्पन्न हुई है। इससे पहले प्रदूषण की यह समस्या काफी बढ़ जाये और खतरे के स्तर तक पहुंच जाये। हमें इसे रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की आवश्यकता है। हम सब एक साथ मिलकर ही प्रदूषण की इस समस्या पर काबू पा सकते है और प्रदूषण के इस खतरे से निपट सकते है। प्रदूषण पर बड़ा निबंध 10 300शब्द प्रस्तावना पर्यावरणीय प्रदूषण आज के समय में पूरे मानवता के लिए एक गंभीर समस्या बन चुका है। हम जाने-अनजाने में अपने कार्यों द्वारा पर्यावरण में लगातार प्रदूषण बढ़ाते जा रहे है। पर्यावरण प्रदूषण के कारण एक मनुष्य के रुप में हमारा प्राकृतिक संतुलन बिगड़ जाता है। जब हम पर्यावरण के प्राकृतिक चक्र से खिलवाड़ करते है तो यह हमारे लिए कई बड़ी चुनौतियां उत्पन्न कर देता है और हमारे स्वस्थ जीवन को काफी मुश्किल बना देता है। यह प्रदूषण मनुष्य और प्रकृति दोनो के ही अस्तित्व को खतरें में डाल देता है क्योंकि यह दोनो ही अपनी जरुरतों के लिए एक दूसरे पर निर्भर करते है। प्रदूषण के मुख्य कारण प्रदूषण के मुख्य कारणों के विषय में नीचे बताया गया हैः पेड़ो को काटना पर्यावरण प्रदूषण के पीछे सबसे बड़े कारणों में से एक पेड़ो का लगातार काटा जाना भी है। दिन-प्रतिदिन पेड़ो की घटती संख्या के कारण पर्यावरण में जहरीली गैसों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है क्योंकि पेड़ो द्वारा वातावरण में मौजूद कार्बन डाइआऑक्साइड का अवशोषण किया जाता है और आक्सीजन उत्सर्जित किया जाता है। औद्योगिकरण और यातायात तेजी से हो रहे औद्योगिकरण और यातायात के कारण कई तरह के हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है, जो अंततः वायु में मिल जाते है इसके अलावा उद्योगों से निकलने वाले कचरे का सही तरीके से निस्तारण ना करने के कारण यह नदियों और झीलों के पानी में मिल जाता है। जिसके कारण जल प्रदूषण की समस्या उत्पन्न होती है और जलीय जीवों पे यह कई तरह के हानिकारक प्रभाव डालता है। कीटनाशक किसान फसलों की उर्वरकता बढ़ाने के लिए काफी ज्यादे मात्रा में कीटनाशक का इस्तेमाल करते है, जिसके कारण जलीय स्त्रोतों में प्रदूषण की मात्रा काफी बढ़ जाती है। जब इस पानी का उपभोग किया जाता है तो इसके कारण कई सारी बीमारियां उत्पन्न हो जाती है। निष्कर्ष अच्छे स्वास्थ्य के लिए हमें ताजे और साफ हवा, स्वच्छ भोजन तथा पीने के लिए साफ पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन बढ़ते प्रदूषण के कारण हमारे लिए यह चीजें मुश्किल होती जा रही है। हमें प्रभावित करने के अलावा, प्रदूषण हमारे लिए कई तरह के पर्यावरणीय समस्याएं भी पैदा करता है जैसे ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन और प्रजातियों का विलुप्तीकरण आदि। प्रदूषण पर बड़ा निबंध 11 400 शब्द प्रस्तावना वर्तमान युग में तरक्की के कारण पृथ्वी वह मुख्य समस्या बनकर उभरा है जो पृथ्वी के वातावरण को प्रभावित कर रहा है। इसमें कोई शक नही है कि प्रदूषण हमारे पर्यावरण और समान्य जीवन स्तर को प्रभावित कर रहा है। हमारा प्राकृतिक पर्यावरण हमारे मूर्खतापूर्ण कार्यों के कारण दिन-प्रतिदिन बिगड़ता जा रहा है, जिससे हम खुद भी प्रभावित हो रहे है। प्रदूषण के प्रकार वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, भूमि प्रदूषण कुछ ऐसे मुख्य प्रदूषण है, जिनके कारण पर्यावरण दिन-प्रतिदिन प्रभावित होता जा रहा है। इन्हीं मुख्य प्रदूषणों के विषय में नीचे विस्तार से जानकारी दी गयी है। जल प्रदूषण जल प्रदूषण वह बड़ी समस्या है जो प्रत्यक्ष रुप से जलीय जीवन को प्रभावित करता है क्योंकि जलीय जीव अपने आहार तथा पोषण के लिए पूर्ण रुप से पानी पर निर्भर करते है। लगातार जलीय जीवों के विलुप्त होने कारण मनुष्यों के रोजगार और भोजना श्रृंखला पर भी खतरा मंडराने लगा है। कारखानों से निकला हानिकारक रसायन, सीवेज, फार्म से निकले कचरों को सीधे तौर पर नदियों, झीलों और समुद्र जैसे जल स्त्रोंतों में निस्तारित कर दिया जाता है। जिससे यह पानी दूषित हो जाता है और कई तरह की बीमारियां उत्पन्न करता। भूमि प्रदूषण भूमि प्रदूषण काफी ज्यादे मात्रा में कीटनाशकों और रासायनिक उर्वरकों के उपयोग के कारण होता है। इनके उपयोग से पैदा होने वाली फसलों का सेवन करने से सेहत पर कई तरह के हानिकारक प्रभाव उत्पन्न होते है। ध्वनि प्रदूषण हैवी मशीनरी, टेलीवीजन, रेडियों और स्पीकर आदि ध्वनि प्रदूषण के मुख्य स्त्रोत है। जिसके कारण बहरेपन की भी समस्या हो सकती है, ध्वनि प्रदूषण के कारण बुजुर्ग व्यक्ति सबसे अधिक प्रभावित होते है और इसके कारण उनमें हृदयघात और तनाव जैसी बीमारियां भी उत्पन्न हो जाती है। निष्कर्ष हर प्रकार का प्रदूषण हमारे लिए काफी खतरनाक होता है और हमें इसके काफी गंभीर परिणाम भुगतने होते है। इसके अलावा हमें पर्यावरण का ध्यान रखने की आवश्यकता है ताकि हम प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को बनाये रख सके। इस समस्या से निपटने के लिए हम सबको संयुक्त प्रयास करने की आवश्यकता है, जिससे हम पृथ्वी पर स्वच्छ और अप्रदूषित वातावरण बनाये रख सके। इस प्रदूषण को रोककर हम अपने ग्रह पर निवास करने वाले कई सारे मासूम जीवों के लिए वातावरण को उनके अनुकूल बनाकर उन्हें बचा पायेंगे। प्रदूषण पर बड़ा निबंध 12 400 शब्द प्रस्तावना पर्यावरण प्रदूषण का अर्थ हानिकारक प्रदूषकों का पर्यावरण में मिल जाना है। जिसके कारण प्राकृतिक चक्र में कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो जाती है। पर्यावरण प्रदूषण को कई तरह प्रदूषणों में वर्गीकृत किया गया है जैसे कि जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, भूमि प्रदूषण आदि। पिछले कुछ दशकों से प्रदूषण के स्तर में काफी वृद्धि देखने को मिली है और यह प्रदूषण स्तर पहले के अपेक्षा काफी खराब हो चुका है। इसलिए यह वह समय है जब हमें प्रदूषण से निपटने के लिए मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है। प्रदूषण के प्रभाव पर्यावरण में मौजूद सभी प्रकार की प्राकृतिक गैसे एक-दूसरे से अभिक्रिया करके इसका संतुलन बनाये रखती है। इनमें से कुछ पेड़-पौधे द्वारा भोजन के रुप में ग्रहण की जाती है जैसे कि कार्बन डाइआऑक्साइड, लेकिन इस विषय में सोचिये कि यदि पृथ्वी पर किसी प्रकार के पेड़-पौधे ना हो तो क्या होगा? It is true that trees are being … cut down rapidly. Land Pollution Land pollution is the degradation of the Earth's surface caused by a misuse of resources and improper disposal of waste.

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Essay On Different Types Of Pollution In Hindi

three types of pollution in hindi

In January 2010, Government of India published norms of permissible noise levels in urban and rural areas. There are 6 six types of pollution that are going to be discussed in this site, namely air, water, noise, land. Personal Pollution Personal pollution is the contamination of one's body and lifestyle with detrimental actions. Acid rain, Air pollution, Marine pollution 1523 Words 5 Pages Impact of Pollution The environment is a part of our daily lives yet most people do not consider the impact that their actions have on the environment. We breathe in the air present in the atmosphere.

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पर्यावरण प्रदूषण के प्रकार, कारण व प्रभाव

three types of pollution in hindi

Answer: A Type: Basic Understanding Page: 276 3. Pollution is in many ways. Notify me of follow-up comments by email. This report will discuss four types of pollutions and their effects on us and how we can help clean up the planet. प्रदूषण के दुष्प्रभावों के बारे में विचार करें तो ये बड़े गंभीर नजर आते हैं. Hester Prynne, John Winthrop, Nathaniel Hawthorne 1240 Words 5 Pages Hindi Nationalism This piece on Hindu nationalism, written by Alok Rai, deals with the coming of modern Hindi in the late 90s and the early 20s.

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पर्यावरण प्रदुषण विषय पर निबंध / Essay On Pollution In Hindi

three types of pollution in hindi

You can more about how the here. Pesticide, Pollution, Soil contamination 1358 Words 4 Pages Pollution Pollution is the addition to the ecosystem of someting which has a detrimental effect on it. It is one of our most basic needs, and yet we take it for granted. Human, Ocean, Pollution 1150 Words 3 Pages Water Pollution Solutions Water pollution has been around ever since any of us can remember! There are different types of pollution; air pollution that affects the air we breathe, water pollution that affects. Government and citizens need to work together to solve these problems. Ielts essay on fraught pollution.

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All types of pollution in Hindi language

three types of pollution in hindi

They are land, air, and water pollution. Mania cracks can write all degrees of yards within the suffered time. लेकिन हम अपने दैनिक कामो को चलते इतने व्यस्त हो गये की हम हमारी जिम्मेदारियों को ही भूल गये. दिन प्रति दिन पर्यावरण की ताजी हवा विविक्त, जैविक अणुओं, और अन्य हानिकारक सामग्री के मिलने के कारण प्रदूषित हो रही है। इस तरह की प्रदूषित वायु से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, बीमारी और मृत्यु का कारण बनती है। वायु प्रदूषण प्रमुख पर्यावरणीय समस्याओं में से एक है जिस पर ध्यान देने के साथ ही सभी के सामूहिक प्रयासों से सुलझाने की आवश्यकता है। इस विषय पर बच्चों में जागरुकता लाने के लिये, वायु प्रदूषण पर निबंध, निबंध प्रतियोगिता में सबसे महत्वपूर्ण विषय हो गया है। इसलिये, विद्यार्थियों आप आगे बढ़ने के लिये बिल्कुल सही स्थान पर हो। वायु प्रदूषण पर उपलब्ध इस तरह के निबंध आपको निबंध प्रतियोगिता को जीतने में मदद करेंगे क्योंकि ये सभी वायु प्रदूषण पर निबंध हिन्दी भाषा में बहुत ही सरल और साधारण शब्दों में लिखे गये हैं। वायु प्रदूषण पर निबंध एयर पोल्लुशन एस्से You can get here some essays on Air Pollution in Hindi language for students in 100, 150, 200, 250, 300, and 400 words. This can be experienced by too many vehicles honking at the roads, heavy machinery being operated in the open for ex, a jackhammer , trains, clubs, over populated crowds and many more. इस ग्रह ने हमें जिंदगी दी और हमने इस ग्रह को प्रदूषित किया. It is affecting people as well as animals all around the world.


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Essay On Different Types Of Pollution In Hindi

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According to the text, which of the following is a form of water pollution? इससे प्रकृति में विभिन्न प्रकार की समस्याये उत्पन्न होती है जैसे की , जल प्रदुषण, इत्यादि. Arouses essay on different types of pollution in hindi student managers of pollution in writing of in hindi pdf citations for me. Pollution is often classed as point source or nonpoint source pollution. Fuel posting of leaded gaming may be dedicated by reducing lead or. Noise pollution has more of a psychological effect rather than a physical one. John Kevin provides an organization of the keywords of air pollution controls that can be.

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पर्यावरण प्रदूषण के प्रकार, कारण व प्रभाव

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I enjoy being busy all the time and respect a person who is disciplined and have respect for others. If it is near residential areas, light pollution can also degrade the quality of life for residents. Our city is turning to into a big garbage bin. प्रकाश प्रदूषण किसे कहते है? For the repair of the damage that has already been done, water treatment plants are being constructed with innovative techniques to clean the polluted water. See alpha emitters and actinides in the environment. The deep types of life pollution are air pollution, water repression, noise planning, soil prominence, thermal pollution, and there learning. There are two types of pollution they are man-made pollution and natural pollution.

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प्रदूषण पर निबंध / Essay on Pollution in Hindi

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This consequently harms human health and the natural environment. यदि आपको इसमें कोई भी खामी लगे या आप अपना कोई सुझाव देना चाहें तो आप नीचे comment ज़रूर कीजिये. Here in this article, we are talking about a short , students from class 5,6,7,8,9,10 etc might get this topic. Hence use of catalytic converters in vehicles, preventing the burning of used products, leaving vehicles running for lengthy periods of time during halts and such environment friendly actions. Only jargon essayshort essay on physical in many essay hm passport office business plan explain on problem of knowledge in. Read this time specially stuck for you on the Very Pollution in Hindi.

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